
इस कैरीकेचर को बनाने वाले चंद्रप्रकाश शर्मा (कार्टूनिस्ट) से मेरी मुलाकात लगभग पांच साल पहले हुई। उस दौरान राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट से डिग्री कर रहे चंद्रप्रकाश अक्सर पत्रिका के परिशिष्टों के लिए कार्टून, कैरिकेचर और चित्रकथाएं बनाने के फ्रीलांस प्रयास किया करते थे। मेरे कई घपले उजाकर करने वाली खबरों पर अक्सर चंद्रप्रकाश की प्रतिक्रियाएं मुझे मिलती रहीं। कोर्स पूरा हुआ और चंद्रप्रकाश भाग्य आजमाने मुंबई चले गए। आजकल मुंबई की एक एनिमेशन कंपनी में काम कर रहे चंद्रप्रकाश ने हाल ही मेरा कैरीकेचर बनाकर मुझे मेल किया।
चंद्रप्रकाश की इस कृति को मैं हमेशा सहेज कर रखना चाहूँगा।
7 Comments
चन्द्र प्रकाश जी का हुनर बोल रहा है शुभकामनाएं.
बहुत ही जानदार बना है। बधाई बनाने वाले बंधु को।