निशाने पर निगहबान

तमाम कोशिशों के बावजूद वन्यजीवों की तस्करी अब भी जारी है। सरिस्का ही नहीं, तालछापर, सवाईमाधोपुर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर और झालावाड़ सहित प्रदेश के कई छोटे-बड़े इलाकों से वन्यजीव संरक्षण कानून को ताक में रख कर तस्कर खुलेआम करोड़ों की दलाली खा रहे हैं। प्रदेशभर में फैले वन्यजीव तस्करी के जाल से परदा उठाती रिपोर्ट। (इस खबर को पूरा पढऩे के लिए इमेज पर क्लिक करें)

2 Comments

Vinay said…
बहुत ख़ूब, सुन्दर प्रस्तुति


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गुलाबी कोंपलें | चाँद, बादल और शाम
insaan aur jungle ki ladai main jeet "Janwar" ki hogi.....

Ya jiski jeet hogi wahi jaanvar hoga....